नयी दिल्ली, 27 जून राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार किसानों की खेती पर लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने के अपने प्रयास के तहत प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की आपूर्ति शृंखला को सशक्त कर रही है।
मुर्मू ने 18वीं लोकसभा में पहली बार संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया भर में आजकल ‘ऑर्गेनिक’ उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और भारत के किसानों के पास इस मांग को पूरा करने की भरपूर क्षमता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए सरकार प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की आपूर्ति शृंखला को सशक्त कर रही है। ऐसे प्रयासों से किसानों का खेती पर होने वाला खर्च भी कम होगा और उनकी आय भी बढ़ेगी।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि आज का भारत, अपनी वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी कृषि व्यवस्था में बदलाव कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर हों और ज्यादा से ज्यादा निर्यात से किसानों की आमदनी बढ़े, इस सोच के साथ नीतियां बनाई गई हैं, निर्णय लिये गए हैं।’’
उन्होंने इस सिलसिले में दलहन और तिलहन में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए देश के किसानों को हरसंभव मदद देने की अपनी नीतियों का उल्लेख किया।
मुर्मू ने कहा कि वैश्विक बाजार में किस तरह के खाद्य उत्पादों की मांग ज्यादा है, उसके आधार पर नयी रणनीति बनाई जा रही है।
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