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देश की खबरें | दो घंटे की हड़ताल पर रहे सरकारी चिकित्सक, मरीज परेशान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक सुबह दो घंटे की हड़ताल पर चले गए। चिकित्सक समय पर अस्पताल जरूर पहुंचे, लेकिन ओपीडी में जाने की जगह अस्पताल के बाहर धरना देकर बैठ गए। चिकित्सकों ने नारेबाजी कर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती किए जाने पर रोष जताया। चिकित्सकों की इस हड़ताल के चलते मरीज ओपीडी के बाहर चक्कर लगाते रहे।

देश की खबरें | दो घंटे की हड़ताल पर रहे सरकारी चिकित्सक, मरीज परेशान

जींद (हरियाणा),12 नवंबर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक सुबह दो घंटे की हड़ताल पर चले गए। चिकित्सक समय पर अस्पताल जरूर पहुंचे, लेकिन ओपीडी में जाने की जगह अस्पताल के बाहर धरना देकर बैठ गए। चिकित्सकों ने नारेबाजी कर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती किए जाने पर रोष जताया। चिकित्सकों की इस हड़ताल के चलते मरीज ओपीडी के बाहर चक्कर लगाते रहे।

इसी कड़ी में जींद में भी सरकारी डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने जहां ओपीडी का बहिष्कार किया, वहीं आपात सेवाओं तथा पोस्टमॉर्टम आदि कार्य को सुचारू रखा। दो घंटे के बाद उन्होंने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल के चिकित्सक मुख्य गेट पर एकत्रित हुए और स्वास्थ्य विभाग में सीधे वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने पर रोष जताया।

एसोसिएशन के उपप्रधान डॉक्टर रघुवीर पूनिया, सचिव डॉक्टर अरुण और सह-सचिव डॉक्टर राजेश भोला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एसएमओ की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है जिससे स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से काम कर रहे चिकित्सकों की पदोन्नति के द्वार बंद हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग वेतन के मामले में भी सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वेतन संबंधी उनकी मांग को मान भी लिया था लेकिन आज तक उसे पूरा नहीं किया गया है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर शीघ्र ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे भविष्य में और ठोस कदम उठाने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 12, 2021 05:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).