पुडुचेरी, 17 नवंबर पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने यहां सरकारी विभागों को नियमित सर्वेक्षणों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ फर्जी दावा करने वालों को नहीं, बल्कि पात्र लोगों को मिले।
सोमवार की रात को व्हाट्सअप संदेश में बेदी ने कहा कि उन्हें एक ‘व्हिसल ब्लोअर’ से शिकायत मिली थी कि यहां एक गांव में कुछ महिलाएं बेसहारों को दी जाने वाली पेंशन ले रही हैं जबकि वे इस मासिक सहायता की पात्र नहीं हैं।
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शिकायत के अनुसार, अपने पतियों के साथ रह रहीं ये महिलाएं सरकारी विभाग से पेंशन पा रही हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सचिव से शिकायतों की जांच करने और यह पता लगाने का निर्देश दिया था कि क्या बेसहारा महिलाओं की पेंशन का लाभ अपात्र लोग भी उठा रहे हैं।
सत्यापन में सामने आया कि 60 फीसद परिवार बिना पात्रता के लंबे समय से पेंशन ले रहे हैं।
बेदी ने कहा, ‘‘ इन अपात्र लोगों को पेंशन भुगतान रोक दिया गया है और उन्हें जो रकम दी गयी है, उसे वसूलने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। रिकार्ड के सत्यापन से इसकी भी पुष्टि होगी कि वे कब से पेंशन ले रहे हैं। हर बेसहारा महिला के लिए प्रति माह 2000 रूपये की पेंशन नियत है।’’
उपराज्यपाल के मुताबिक, लंबे समय से ‘कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों’ के संरक्षण में धोखाधड़ी चल रही थी।
बेदी ने कहा, ‘‘ समाज कल्याण विभाग के सचिव शीघ्र ही एक ऐसा तरीका ढूढेंगे जिससे सरकारी धन को बचाने के लिए यादृच्छिक आधार पर सरकारी दल द्वारा नियमित सर्वेक्षण किये जाएं ताकि असल जरूरतमंद इंसानों की मदद की जा सके। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए सभी कल्याणकारी उपायों का नियमित सत्यापान किया जाना चाहिए ताकि इन योजनाओं का लाभ असल पात्र लोगों को ही मिले।’’
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