जरुरी जानकारी | सरकार पोर्ट ग्रिड बनाने पर दे रही ध्यान: मंडाविया

नयी दिल्ली, 12 नवंबर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि जलमार्ग और तटीय जहाजरानी के साथ सरकार बंदरगाह ग्रिड बनाने पर भी ध्यान दे रही है।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री मंडाविया ने कहा कि लगभग 1400 किलोमीटर जलमार्ग पहले ही पूरी तरह से विकसित हो चुका है और अतिरिक्त 1000 किलोमीटर प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है।

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मंत्रालय के नए नामकरण की पट्टिका का अनावरण किये जाने के मौके पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। जहाजरानी मंत्रालय का नाम बदलकर अब पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2020 को गुजरात में हजीरा और घोघा के बीच रो-पैक्स जलमार्ग सेवा के उद्घाटन समारोह को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए जहाज़रानी मंत्रालय का नाम बदलने की घोषणा की थी।

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मंडाविया ने कहा कि यह वास्तव में हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। प्रधानमंत्री के व्यापक दृष्टिकोण के साथ, देश मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के समग्र और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को लेकर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘बदले हुए नए नाम के साथ, मंत्रालय जलमार्ग और तटीय जहाजरानी के विकास पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित करने जा रहा है। लगभग 1400 किलोमीटर जलमार्ग पहले ही पूरी तरह से विकसित हो चुका है और अतिरिक्त 1000 किलोमीटर प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इस कार्य के लिए डी.पी.आर. (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)/व्यवर्हायता अध्ययन पूरा हो चुका है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘हम पोर्ट ग्रिड के निर्माण पर भी गौर कर रहे हैं। इसमें विभिन्न छोटे बंदरगाह जैसे मत्स्य पालन बंदरगाह, कृषि बंदरगाह और खनिज बंदरगाह आदि शामिल हैं ताकि देश में अधिकाधिक पत्तन विकास और बंदरगाह के नेतृत्व में विकास हो सके।”

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