नयी दिल्ली, 17 जुलाई सरकारी बैंकों ने आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत देशभर में 71 सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) के बड़े केन्द्रों को 19,668.87 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। योजना के तहत तीन लाख करोड़ रुपये तक गारंटी मुक्त कर्ज देने की सुविधा है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन एमएसएमई हब को 15 जुलाई तक इसमें से 12,871.50 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।
कोविड-19 महामारी से एमएमएसई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिये पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के लिये घोषित तीन लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना है।
सीतारमण ने ट्वीट किया, "15 जुलाई तक सरकारी ने 100 प्रतिशत आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत 27 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में 71 एमएसएमई संकुलों को 19,668.87 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। इसमें से 12,871.50 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया जा चुका है।’’
अहमदाबाद केन्द्र को सबसे अधिक 1,983 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया गया हैं वहीं सूरत स्थिति एमएसएमई समूहों को 1,715 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 मई को एमएसएमई क्षेत्र के लिये आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के माध्यम से 9.25 प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त वित्त पोषण को मंजूरी दी थी।
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