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जरुरी जानकारी | विदेशों में खरीदे गये, बेचे गये सामान पर भारत में लगेगा जीएसटी: एडवांस रूलिंग प्राधिकरण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एडवांस रूलिंग प्राधिकरण (एएआर) ने कहा है कि अगर कोई घरेलू कंपनी विदेश से माल खरीदती है और उसे किसी दूसरे देश में बेचती है, तो उसे ऐसे सौदे के लिये जीएसटी का भुगतान देश में करना होगा। भले ही वह उत्पाद भारत की सीमा में नहीं आया हो।

जरुरी जानकारी | विदेशों में खरीदे गये, बेचे गये सामान पर भारत में लगेगा जीएसटी: एडवांस रूलिंग प्राधिकरण

नयी दिल्ली, 18 जून एडवांस रूलिंग प्राधिकरण (एएआर) ने कहा है कि अगर कोई घरेलू कंपनी विदेश से माल खरीदती है और उसे किसी दूसरे देश में बेचती है, तो उसे ऐसे सौदे के लिये जीएसटी का भुगतान देश में करना होगा। भले ही वह उत्पाद भारत की सीमा में नहीं आया हो।

स्टरलाइट टेक्नोलॉजी के आवेदन पर एएआर की गुजरात पीठ ने कहा है कि जहां देश से बाहर सीधे बिक्रेता से सामान लेकर ग्राहकों के परिसरों में पहुंचाया जाता है, वहां देश में जीएसटी भुगतान का मामला बनता है।

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आवेदनकर्ता ने यह जानना चाहा था कि क्या वस्तु व्यापार लेनदेन (एमटीटी) पर जीएसटी बनता है।

एएआर ने व्यवस्था दी, ‘‘ऐसा लगता है कि सौदा अंतरराज्यीय आपूर्ति के दायरे में आता है और यह न तो सेवा निर्यात में आता है और न ही इस पर छूट है। ....ऐसे में हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि इस प्रकार की आपूर्ति पर एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) शुल्क लग सकता है।’’

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प्राधिकरण के इस निर्णय का मतलब है कि जीएसटी उन मामलों में एमटीटी पर लगेगा जहां आवेदनकर्ता को देश के बाहर के ग्राहक से आर्डर मिलता है और निर्देश के अनुसार देश के बाहर स्थित बिक्रेता सीधे माल ग्राहक को पहुंचा देता है।

बिक्रेता आवेदनकर्ता को बिल देगा। बिल का भुगतान विदेशी मुद्रा में होगा और आवेदनकर्ता बिल ग्राहक को देगा तथा विदेशी मुद्रा में राशि प्राप्त करेगा।

इस सौदे में वस्तु भारत में नहीं आई लेकिन देश से बाहर एक जगह से दूसरे जगह गया।

एएमआरजी एंड एसोसिएट के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर एमटीटी पर कहीं भी मध्यस्थ मेजबान देश में कर नहीं लिया जाता और पुरानी व्यवस्था में यही स्थिति भारत में थी। जीएसटी कानून भी कहता है कि एममटीटी जीएसटी के दायरे से बाहर है।’’

मोहन ने कहा, ‘‘गुजरात एएआर के निर्णय को सीजीएसटी कानून के अनुसूची-तीन के प्रावधानों के तहत गौर करने की जरूरत है। ऐसा नहीं होने से उद्योग के लिये समस्या होगी।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2020 09:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).