कोच्चि (केरल), 21 अक्टूबर सोना तस्करी मामले में धन की आवाजाही की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने निलंबित आईएएस अधिकारी एम. शिवशंकर की जमानत याचिका का बुधवार को विरोध किया। एजेंसी ने कहा कि वह मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश द्वारा कथित रूप से किए गए गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़े प्रतीत होते हैं।
अदालत ने 15 अक्टूबर को अपने आदेश में मुख्य मंत्री के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर की गिरफ्तारी पर 23 अक्टूबर तक रोक लगा दी।
अपनी दलील में ईडी ने आरोप लगाया कि अधिकारी यूएई वाणिज्य दूतावास में पूर्व कर्मचारी सुरेश के ‘‘काफी करीब’’ थे और पूरे दिन व्हाट्सऐप पर उसे संदेश भेजा करते थे।
ईडी के अनुसार, दोनों के बीच हुई चैट (बातचीत) से स्पष्ट है कि सुरेश उनसे सभी बातें किया करती थी, ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि सोना तस्करी के माध्यम से वह जो धन कमा रही थी उसके बारे में अधिकारी को जानकारी नहीं थी।
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एजेंसी ने बताया कि कई मौजूदा पहलुओं की जांच की जानी है और कई तथ्य सामने आ रहे हैं।
एनआईए की तलाशी के दौरान सुरेश के बैंक लॉकर से काफी नकदी मिलने के संदर्भ में ईडी ने आरोप लगाया कि शिवशंकर ने अपने सीए पी. वेणुगोपाल के साथ सुरेश के तिरुवनंतपुरम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लॉकर खुलवाने में मदद की।
अर्पणा पवनेश
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