अमरावती, 20 अगस्त गोदावरी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बृहस्पतिवार को नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि होने लगी है और पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
सूत्रों के अनुसार नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से आंध्र प्रदेश के दोव्लेश्वरम स्थित सर आर्थर कॉटन बराज में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।
दूसरी ओर कृष्णा नदी भी पूरे उफान पर है और श्रीशैलम जलाशय लगभग पूरी तरह से भर गया है।
जलाशय के सात गेट खोल दिए गए और दोनों तटों पर दो स्टेशनों में बिजली उत्पादन के बाद 3.84 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
नागार्जुन सागर बांध में भी शुक्रवार सुबह तक जलस्तर बढ़ने का अनुमान है।
बुधवार देर रात पड़ोसी तेलंगाना के भद्राचलम में गोदावरी का जलस्तर चेतावनी स्तर से लगभग 43 मीटर नीचे गिर गया था। लेकिन भारी बारिश के बाद इसमें फिर से वृद्धि हो गयी और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया।
केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार बाढ़ का पानी बृहस्पतिवार देर रात खतरे के स्तर को छू लेगा।
पूर्व और पश्चिम गोदावरी जिलों के दर्जनों गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। जल स्तर घटने से लोगों को कुछ राहत मिली थी। लेकिन भारी बारिश के कारण स्थिति के और गंभीर होने की आशंका पैदा हो गयी है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सूत्रों ने कहा कि दोनों जिलों में राहत शिविर काम कर रहे हैं और बाढ़ का खतरा पूरी तरह से खत्म होने तक वे चालू रहेंगे।
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