देश की खबरें | नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह की झलकियां

नयी दिल्ली, 28 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नये संसद भवन का उद्घाटन किया। पेश हैं सुबह सात बजे शुरू हुए इस समारोह की प्रमुख झलकियां-

**प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नये संसद भवन के उद्घाटन से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान के लिए धोती-कुर्ता पहनकर संसद परिसर पहुंचे।

**वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच प्रधानमंत्री ने वास्तु पूजा अनुष्ठान के तहत ‘गणपति होमम’ किया, चोल साम्राज्य में निर्मित राजदंड ‘सेंगोल’ के सामने साष्टांग प्रणाम किया

**तमिलनाडु के 21 ‘अधीनम’ के शीर्ष पुजारियों ने ‘सेंगोल’ का अभिषेक किया और इसे प्रधानमंत्री को सौंपा, इसके बाद ‘नादस्वरम्’ की धुनों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ‘सेंगोल’ को नये संसद भवन लेकर गए और लोकसभा कक्ष में अध्यक्ष के आसन के दाईं ओर एक विशेष स्थान पर स्थापित किया

**कम से कम 20 विपक्षी दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया, उनका कहना था कि राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नये संसद भवन का उद्घाटन करवाया जाना चाहिए था

**नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह में सर्वधर्म प्रार्थना भी आयोजित की गई

**धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शैव संतों के थेवारम के भजन बजाए गए

**कर्नाटक के शृंगेरी मठ के पुजारियों ने औपचारिक वास्तु पूजा की, इसी मठ के पुजारियों ने 10 दिसंबर 2020 को भूमि-पूजन से जुड़ा अनुष्ठान किया था

**संसद की पुरानी इमारत के निर्माण में जहां छह वर्ष लगे थे, वहीं 64,500 वर्ग मीटर के निर्मित क्षेत्र में बने नये भवन को रिकॉर्ड ढाई वर्षों में तैयार किया गया है

**लोकसभा कक्ष में 888, जबकि राज्यसभा कक्ष में 384 सीटें हैं, राज्यसभा और लोकसभा के संयुक्त सत्र के दौरान लोकसभा में 1,272 सदस्य बैठ सकते हैं

**नये भवन में छह नए समिति कक्ष के अलावा मंत्रिपरिषद के कार्यालयों के रूप में उपयोग के लिए 92 कमरे भी बनाए गए हैं

**सार्वजनिक प्रवेश द्वार तीन दीर्घाओं की ओर जाते हैं, पहली-संगीत गैलरी जो भारत के नृत्य, गीत और संगीत परंपराओं को प्रदर्शित करती है; दूसरी-स्थापत्य गैलरी जो देश की स्थापत्य विरासत को दर्शाती है और तीसरी-शिल्प गैलरी विभिन्न राज्यों की विशिष्ट हस्तकला परंपराओं को प्रदर्शित करती है

**नये संसद भवन में लगभग 5,000 कलाकृतियां है, जिनमें पेंटिंग, पत्थर की मूर्तियां और धातु चित्र शामिल हैं

**लोकसभा कक्ष की कालीन, छत और खिड़कियों पर मोर की आकृति उकेरी गई है, जबकि राज्यसभा के कक्ष को राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ की आकृति से सजाया गया है।

**आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने वाले एकमात्र गैर-राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) मुख्यमंत्री थे

**राजग के घटक दलों के मुख्यमंत्रियों-एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र), कोनराड संगमा (मेघालय), जोरमथंगा (मिजोरम), नेफू रियो (नागालैंड) और प्रेम सिंह तमांग (सिक्किम) ने उद्घाटम समारोह में हिस्सा लिया

**कई देशों के राजदूतों ने भी उद्घाटन समारोह में शिरकत की

**प्रधानमंत्री ने इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक स्मारक डाक टिकट और 75 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया

**प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी से 25 साल पहले महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के जरिये स्वराज के संकल्प से हर भारतीय को जोड़ दिया था

**मोदी ने कहा कि भारत अगले 25 वर्षों में आजादी के 100 साल पूरे करेगा, उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ‘आजादी के अमृत काल’ के दौरान विकसित भारत की दिशा में काम करने का आग्रह किया

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