गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार गौवंशीय पशुओं के प्रति सजगता एवं संवेदनशीलता बरतते हुए रोग नियंत्रण के सभी संभावित उपाय कर रही है।
उन्होंने राज्य के पशुपालकों से धैर्य बनाये रखने एवं गौशाला संचालकों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से बीमारी के नियंत्रण एवं रोकथाम में राज्य सरकार का सहयोग करने की अपील भी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौवंश में लम्पी चर्म रोग राजस्थान सहित गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, असम, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में फैल रहा है।
एक सरकारी बयान के मुताबिक, गहलोत ने बताया कि प्रदेश के जैसलमेर, जालौर, बाड़मेर, पाली, सिरोही, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, चुरू, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, उदयपुर, अजमेर व बीकानेर जिलों में रोग की पुष्टि हुई है।
बयान में कहा गया है कि राज्य में अब तक 1.21 लाख पशु इस बीमार से प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आपातकालीन आवश्यक औषधियां खरीदने के लिए संभाग स्तरीय अजमेर, बीकानेर और जोधपुर कार्यालयों को आठ से 12 लाख रुपये और बाकी प्रभावित जिलों को दो से आठ लाख रुपये सहित कुल 1.06 करोड़ रुपये रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर मुख्यालय से भेजे गए नोडल अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सतत निगरानी कर रहे हैं।
गहलोत के मुताबिक, इस रोग की सतत निगरानी के लिए प्रभावित जिलों के साथ-साथ जयपुर मुख्यालय में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY