कोलकाता, 19 जून गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में वीरगति को प्राप्त हुए सिपाही राजेश ओरांग का पार्थिव शरीर शुकवार सुबह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बेलगोरिया गांव लाया गया जहां सैकड़ों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े।
ओरांग उन 20 भारतीय सैनिकों तथा पश्चिम बंगाल के उन दो सैनिकों में से एक थे जो 15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में शहीद हुए थे।
सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम सैन्य विमान से चंडीगढ़ के रास्ते लेह से सिपाही ओरांग के पार्थिव शरीर को यहां लाए जाने के बाद पानागढ़ सैन्य अस्पताल में रखा गया था जिसे सुबह उनके घर पहुंचाया गया।
तिरंगे से लिपटे ताबूत को देखकर परिवार के लोग और वहां उपस्थित जनसैलाब की आंखों से आंसू निकल पड़े।
गांव के निवासियों ने भारतीय सैनिकों पर चीनी सैनिकों के नृशंस हमले को लेकर आक्रोश जाहिर किया और चीनी उत्पादों के पूर्ण बहिष्कार की मांग की।
ओरांग के परिवार में उनके माता-पिता और दो बहन हैं।
उनका अंतिम संस्कार गांव के पास एक स्थान पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
राज्य के अन्य शहीद सैनिक हवलदार विपुल राय के पार्थिव शरीर को शाम को अलीपुरद्वार जिले के बिंदीपारा गांव ले जाया जाएगा जो कल रात हसीमारा सैन्य अस्पताल में रखा गया था।
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