पणजी, 22 जुलाई गोवा में शनिवार को आयोजित जी20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्रिस्तरीय बैठक में अधिकतर सदस्यों ने यूक्रेन युद्ध की कड़ी निंदा की और कहा कि इससे भारी मानवीय पीड़ा हो रही है।
बैठक के बाद जारी एक परिणाम दस्तावेज़ में बैठक के अध्यक्ष ने कहा कि अधिकतर सदस्यों ने मत व्यक्त किया कि युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था में मौजूदा कमजोरियों को बढ़ा रहा है, विकास को बाधित कर रहा है, मुद्रास्फीति को बढ़ा रहा है, आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर रहा है, इससे ऊर्जा और खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है तथा वित्तीय स्थिरता को लेकर जोखिम बढ़ रहा है।
बैठक के अध्यक्ष तथा ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मामलों के केंद्रीय मंत्री आर के सिंह थे। जी20 की अध्यक्षता इस साल भारत के पास है।
दस्तावेज़ में कहा गया कि यूक्रेन में युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
इसमें कहा गया, ‘‘हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा सहित अन्य मंचों पर व्यक्त किए गए अपने राष्ट्रीय रुख को दोहराया।’’
दस्तावेज़ में कहा गया कि बैठक के दौरान रूस ने यूक्रेन की स्थिति, भू-राजनीतिक तनाव और प्रतिबंधों पर अपना "अलग" दृष्टिकोण व्यक्त किया।
चीन ने कहा कि जी20 सुरक्षा मुद्दों के समाधान के लिए सही मंच नहीं है। इसने इसमें भूराजनीतिक-संबंधित सामग्री को शामिल करने का विरोध किया।
दस्तावेज़ में कहा गया कि "स्थिति और प्रतिबंधों के बारे में अन्य विचार तथा अलग-अलग आकलन थे"।
इसमें कहा गया, "यह मानते हुए कि जी20 सुरक्षा मुद्दों को हल करने का मंच नहीं है, हम स्वीकार करते हैं कि सुरक्षा मुद्दों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण परिणाम हो सकता है।"
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