जरुरी जानकारी | फ्यूचर की रिलायंस सौदे पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के खिलाफ अपील, कल होगी सुनवाई

नयी दिल्ली, तीन फरवरी किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में एकल न्यायाधीश के उस आदेश के खिलाफ अपील की, जिसमें कंपनी को रिलायंस रिटेल के साथ अपने 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया था।

इस सौदे को लेकर अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने आपत्ति जताई है।

एफआरएल की अपील का उल्लेख उच्च न्यायालय के संयुक्त पंजीयक के समक्ष किया गया। उन्होंने इस मामले को बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी। इस मामले से जुड़े एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

एफआरएल की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता दारियस खंबाटा ने मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष भी इस मामले का उल्लेख करते हुए दिन में ही सुनवाई का आग्रह किया।

अमेजन के वकील राजीव नायर ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है।

पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।

एफआरएल ने दो फरवरी के एकल जज के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि इससे एफआरएल, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लि. और रिलायंस रिटेल एंड फैशन लि. के बीच विलय की योजना ‘ठहर’ गई है।

एफआरएल ने नायक एंड नायक एंड कंपनी तथा अधिवक्ता हर्षवर्धन झा के जरिये दायर याचिका में कहा है कि दो फरवरी के यथास्थिति आदेश से पूरी योजना पटरी से उतर जाएगी।

इससे पहले न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने मंगलवार को कहा था कि अमेजन के अधिकारों की रक्षा के लिये तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत है।

उन्होंने अपने आदेश में कहा, ‘‘प्रतिवादियों (एफआरएल) को निर्देशित किया गया है कि सुरक्षित आदेश की घोषणा तक, आज शाम 4:49 बजे की यथास्थिति को बनाये रखें।’’

अमेजन ने इस सौदे पर सिंगापुर के आपातकालीन पंचाट मंच के अंतरिम आदेश को लागू कराने के लिये उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

पंचाट ने फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था।

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