पेरिस, 15 जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के बड़े उद्योगपतियों से भारत में आधारभूत ढांचे और अन्य क्षेत्रों में निवेश अवसरों पर विचार करने और भारत की वृद्धि-गाथा का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भारत-फ्रांस सीईओ मंच को संबोधित करते हुए आर्थिक सुधारों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
इस मंच में विमानन, विनिर्माण, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों से संबंधित 16 फ्रांसीसी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और भारत की ओर से 24 सीईओ शामिल थे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “प्रधानमंत्री ने सीईओ को भारत में निवेश अवसरों का उपयोग करने और भारत की वृद्धि-गाथा का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया।”
मंच में शामिल होने वाले प्रमुख फ्रांसीसी उद्योगपतियों में एयरबस के गिलाउम फॉरी, एल्सटॉम के हेनरी पौपर्ट लाफार्ज, श्नाइडर इलेक्ट्रिक के पीटर हर्वेक, टोटल एनर्जीज की नमिता शाह, सेफ्रान के फिलिप एरेरा और कैपजेमिनी के पॉल हर्मेलिन शामिल रहे।
भारत की तरफ से इस मंच में जुबिलेंट लाइफ साइंस लिमिटेड के हरि एस भरतिया, आर्सेलर मित्तल के लक्ष्मी मित्तल, एथर एनर्जी के तरुण मेहता और भारत फोर्ज के अमित बी कल्याणी आदि उद्योगपति शामिल हुए।
बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में उद्योग जगत की इन हस्तियों की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, स्टार्टअप, औषधि, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल भुगतान और बुनियादी ढांचे में भारत की प्रगति और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए की गई विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी के नौ वर्षों के कार्यकाल में सरकार ने कारोबारी सुगमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मानदंडों में ढील देना, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के माध्यम से विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और कॉरपोरेट कर को कम करना आदि शामिल हैं।
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