देश की खबरें | ख्वाजा यूनुस मामले में निलंबित चार पुलिसकर्मी 16 साल बाद सेवा में बहाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में घाटकोपर धमाका मामले के संदिग्ध ख्वाजा यूनुस की पुलिस हिरासत में हुई कथित हत्या के मामले में 16 साल पहले निलंबित किए गए एक सहायक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबल को मुंबई पुलिस ने फिर से सेवा में बहाल कर दिया है।

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मुंबई, सात जून महाराष्ट्र में घाटकोपर धमाका मामले के संदिग्ध ख्वाजा यूनुस की पुलिस हिरासत में हुई कथित हत्या के मामले में 16 साल पहले निलंबित किए गए एक सहायक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबल को मुंबई पुलिस ने फिर से सेवा में बहाल कर दिया है।

एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

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चारों पुलिसकर्मियों को 2004 में निलंबित किया गया था और उन पर यूनुस मामले में हत्या और सबूतों को मिटाने सहित अनेक आरोपों में मामले चल रहे हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को सेवा में बहाल होने के बाद सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे,कांस्टेबल राजेन्द्र तिवारी, सुनील देसाई ने स्थानीय हथियार इकाई में शनिवार को काम संभाल लिया वहीं कांस्टेबल राजाराम निकम को मोटर वाहन विभाग में तैनाती दी गई है।

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वाजे 1990 बैच के पुलिस अधिकारी और मुठभेड़ विशेषज्ञ हैं उन्हें 2004 में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ तथ्यों को छिपाने के संबंध में मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

अधिकारी ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2007 में पुलिस बल से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनके खिलाफ जांच लंबित होने के कारण उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया था।

महाराष्ट्र के परभणी का रहने वाला 27 वर्षीय ख्वाजा यूनुस एक इंजीनियर था और दुबई में काम करता था।

उसे दिसंबर 2002 के घाटकोपर बम विस्फोट मामले के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया था।

पुलिस ने दावा किया था कि यूनुस को जब पूछताछ के लिए औरंगाबाद ले जाया जा रहा था, तब वह फरार हो गया था लेकिन बम्बई उच्च न्यायालय के आदेश पर अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा की गई जांच में उसने कहा कि पुलिस हिरासत में ख्वाजा की मौत हो गई थी।

जांच में 14 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया था, लेकिन सरकार ने वाजे, तिवारी, निकम और देसाई केवल चार पर ही मुकदमा चलाने की मंजूरी दी।

अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने पहले यहां एक सत्र अदालत को बताया था कि यूनुस को लॉकअप में कपड़े उतार कर बेल्ट से छाती और पेट पर पीटा गया था।

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