इंदौर,10 सितंबर शिवसेना की मध्यप्रदेश इकाई के पूर्व प्रमुख रमेश साहू के सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने सात आरोपियों को इस राज्य और पड़ोसी गुजरात के अलग-अलग स्थानों से बृहस्पतिवार को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार साहू की एक डकैती के दौरान हत्या की गई थी।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विवेक शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि डकैत गिरोह में शामिल विजय धनसिंह (19) को गुजरात के मशहूर धार्मिक स्थल द्वारका के पास एक गांव से पकड़ा गया जहां वह मजदूरी कर रहा था।
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उन्होंने बताया कि इंदौर शहर से सटे उमडीखेड़ा गांव में एक और दो सितंबर की दरम्यानी रात साहू (70) के घर डकैती की वारदात के दौरान हुए विजय ने ही कथित तौर पर गोली मारकर साहू की हत्या कर दी थी, जब बदमाशों के बंधन से आजाद होने के लिये पूर्व शिवसेना नेता संघर्ष कर रहे थे।
आईजी ने बताया कि मामले के छह अन्य आरोपियों को मध्यप्रदेश के धार और खरगोन जिलों के अलग-अलग गांवों से गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल चार पहिया वाहन, तीन देशी कट्टे और चार कारतूस जब्त किये गये हैं। हत्याकांड के बाद साहू के घर से ले जाये गये सोने-चांदी के आभूषण भी आरोपियों से बरामद हो गये हैं।
आईजी ने बताया कि पुलिस के लिये इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि पहले लग रहा था कि कुछ बेशकीमती अचल संपत्तियों के विवाद में साहू की हत्या की गयी।
अधिकारियों ने बताया कि साहू 1990 के दशक में शिवसेना के प्रदेश प्रमुख रहे थे। हालांकि, पिछले कुछ सालों से वह राजनीति में सक्रिय नहीं थे और इंदौर-खंडवा रोड पर उमड़ीखेड़ा गांव में ढाबा चलाते थे।
उन्होंने बताया कि साहू इस ढाबे के साथ बने घर में अपने परिवार के साथ रहते थे जहां आठ दिन पहले डकैती की वारदात के दौरान उनकी हत्या की गयी थी।
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