नयी दिल्ली, सात सितम्बर राजधानी दिल्ली की एक निचली अदालत ने बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पूर्व महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि नारायण को कथित तौर पर स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों के फोन अवैध तरीके से टेप करने से संबंधित धनशोधन मामले में दो दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी ने नारायण को आज विशेष न्यायाधीश सुनैना शर्मा के समक्ष पेश किया और आरोपी को दो दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
ईडी की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक एन. के. मत्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि इस मामले में व्यापक साजिश का भंडाफोड़ करने के लिए अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराने तथा साक्ष्यों के संबंध में पूछताछ के वास्ते नारायण की हिरासत आवश्यक है।
ईडी ने नारायण को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। वह अप्रैल 1994 से 31 मार्च 2013 तक एनएसई के पूर्व एमडी एवं सीईओ रहे थे। उसके बाद उन्हें एक अप्रैल, 2013 से एक जून, 2017 तक कंपनी के बोर्ड में गैर-कार्यकारी श्रेणी में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
ईडी ने 2009 से 2017 तक कथित तौर पर फोन टेप करने के मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त संजय पांडेय और नारायण के खिलाफ ‘प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट’ (ईसीआईआर) दर्ज कराई थी।
‘को-लोकेशन’ घोटाला मामले में धनशोधन मानकों के कथित उल्लंघन को लेकर यह दूसरा मामला है, जिसकी जांच ईडी कर रहा है।
पांडेय और पूर्व एनएसई प्रमुख चित्रा रामकृष्ण को इस मामले में गत जुलाई में गिरफ्तार किया गया था।
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