शिमला, 30 अगस्त शिमला के पूर्व उप महापौर टिकेंदर पंवार ने शहर में एक जल परियोजना के लिए बोली प्रक्रिया की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को लिखे पत्र में, माकपा नेता पंवार ने शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) की कार्यप्रणाली पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि एसजेपीएनएल की स्थापना के बाद से निष्पादित सभी प्रमुख परियोजनाओं की जांच की जानी चाहिए, जबकि 24 घंटे जल आपूर्ति परियोजना के लिए बोली रद्द की जानी चाहिए।
केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन (सीपीएचईईओ) ने 2022 में 490 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दी थी। हालांकि, अक्टूबर 2022 में कंपनी की बोली 790 करोड़ रुपये थी और हमारी आपत्तियों के बाद एसजेपीएनएल ने इसे रद्द कर दिया था।
उन्होंने कहा कि मार्च 2023 में उसी कंपनी की नयी बोली 920 करोड़ रुपये से भी अधिक है।
पवार ने इसे बोली प्रक्रिया का मिलीभगत करार देते हुए कहा कि इसकी जांच की जानी चाहिए कि महज छह महीने में बोली की कीमत 20 फीसदी कैसे बढ़ गयी।
रंजन मनीषा
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