देश की खबरें | भूषण स्टील के पूर्व सीएफओ को वकील के साथ दो वीडियो कॉन्फ्रेंस की इजाजत दी जाएः उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को शुक्रवार को निर्देश दिया कि भूषण स्टील के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नितिन जोहरी को उनके वकीलों के साथ दो वीडियो कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत दी जाए ताकि वह उच्चतम न्यायालय में दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के संबंध में वकीलों से सलाह-मशविरा कर सकें।
नयी दिल्ली, तीन जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को शुक्रवार को निर्देश दिया कि भूषण स्टील के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नितिन जोहरी को उनके वकीलों के साथ दो वीडियो कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत दी जाए ताकि वह उच्चतम न्यायालय में दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के संबंध में वकीलों से सलाह-मशविरा कर सकें।
जोहरी को एसएफआईओ ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
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जोहरी ने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के 27 जनवरी के आदेश के खिलाफ एसएलपी दायर की थी और मामला शीर्ष अदालत में सुनवाई के लिए छह जुलाई को सूचीबद्ध हो सकता है।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने अंतरिम उपाय के तहत तिहाड़ जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जौहरी को छह जुलाई से पहले दो वीडियो कॉन्फ्रेंस करने दें और मामले को सुनवाई के लिए 10 जुलाई को सूचीबद्ध कर दिया।
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जोहरी ने अपनी याचिका में तिहाड़ की केंद्रीय जेल संख्या आठ से हफ्ते में आधे-आधे घंटे की दो वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा देने का अनुरोध किया है, जिसमें एक उनके परिवार के साथ और दूसरी वकीलों के साथ ।
तिहाड़ में कोविड-19 महामारी के कारण आमने-सामने की मुलाकात तीन महीने से ज्यादा समय से स्थगित है और वह इस दौरान अपनी पत्नी और दो बच्चों या वकीलों से मिल नहीं पाए हैं।
दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता (आपराधिक) राहुल मेहरा और तिहाड़ की ओर से पेश हुए वकील चैतन्य गोसाईं ने अदालत को बताया कि कैदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके परिवार और वकीलों से मुलाकात कराने का मुद्दा उच्च न्यायालय की दूसरी पीठ के समक्ष लंबित है।
मेहरा ने अदालत से यह भी कहा कि जौहरी को एसएलपी के संबंध में उनके वकीलों से बात करने के लिए एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की इजाजत दी जाएगी।
लेकिन अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें दो वीडियो कॉन्फ्रेंस करने दी जाए
एसएफआईओ ने दो मई 2019 को जोहरी को अलग अलग बैंकों में झूठे दस्तावेज देने समेत धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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