नयी दिल्ली, एक जून राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने सोमवार को दिल्ली के वन विभाग को निर्देश दिया कि आंनद विहार रेलवे स्टेशन के बाहर कथित तौर पर हुई पेड़ों की कटाई के मामले को देखे।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा।
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पीठ ने कहा, ‘‘यह शिकायत कि आनंद विहार नाले में प्रदूषित जल को शोधन के बिना बहाना जल (प्रदूषण निवारण एवं रोकथाम) अधिनियम- 1974 का उललंघन है... प्रथमदृष्टया इसपर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा विचार किया जाना चाहिए।’’
पीठ दिल्ली के रहने वाले अमित नामक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि आनंद विहार रेलवे स्टेशन के बाहर सार्वजनिक शौचाालय के पास लगे पेड़ों को काटा जा रहा है।
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याचिकाकर्ता ने एनजीटी से आनंद विहार नाले में गंदा पानी छोड़ने से पहले उसके शोधन का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
याचिका पर फैसला देते हुए अधिकरण ने कहा, ‘‘इस आवेदन का निपटारा स्थायी निकाय को शिकायत पर गौर करने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश के साथ किया जाता है।’’
पीठ ने कहा, ‘‘आवेदक को यह आजादी है कि वह 15 दिनों के भीतर संबंधित एजेंसियों को अपने नजरिये से अवगत कराए और उसके दो हफ्ते के भीतर जरूरी कार्रवाई की जाए।’’
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