जयपुर, 25 जुलाई राजस्थान सरकार सघन वृक्षारोपण अभियान चलाएगी, जिसके तहत इस वित्त वर्ष में कुल पांच करोड़ पौधे वितरित किए जाएंगे। सामुदायिक स्तर पर व्यापक वृक्षारोपण होगा और 10,000 ग्राम पंचायतों को एक करोड़ पौधे दिए जाएंगे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, “मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घर-घर औषधि योजना का विस्तार कर उसे नए रूप में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे मुख्यमंत्री के ‘हरित राजस्थान-स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना के तहत प्रदेशभर में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाए जाएगा।”
बयान के मुताबिक, “वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत वर्ष 2022-23 के लिए 42 करोड़ रुपये की लागत से पांच करोड़ पौधे तैयार किए जाएंगे। इनमें से तीन करोड़ पौधे आमजन को मांग अनुसार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।”
बयान में कहा गया है कि आमजन को पौधे सरकारी नर्सरियों से मिलेंगे और दूरी की समस्या होने पर अन्य स्थानों से भी वितरण किया जा सकेगा। इसमें बताया गया है कि लोगों को जन आधार कार्ड के आधार पर सरकार द्वारा निर्धारित दर पर पौधे वितरित किए जाएंगे।
बयान के मुताबिक, सामुदायिक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए राज्य की 10,000 ग्राम पंचायतों को गोचर/ओरण/चारागाह के लिए तैयार किए गए एक करोड़ पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें बताया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रति वर्ष एक हजार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि 200 बड़े नगरीय क्षेत्रों में हर साल लगभग एक करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।
बयान के अनुसार, नवीन योजना के तहत वर्ष 2023-24 के लिए भी 42 करोड़ रुपये की लागत से पांच करोड़ पौधे तैयार किए जाएंगे। इसमें बताया गया है कि वर्ष 2022-23 में लगाए जाने वाले पौधों के लिए 21 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे इस योजना पर कुल 105 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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