जरुरी जानकारी | राजकोषीय घाटा अक्टूबर के अंत में पूरे साल के लक्ष्य का 46.5 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों में पूरे साल के लक्ष्य के 46.5 प्रतिशत तक पहुंच गया। सरकारी आंकड़ों में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
नयी दिल्ली, 29 नवंबर केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों में पूरे साल के लक्ष्य के 46.5 प्रतिशत तक पहुंच गया। सरकारी आंकड़ों में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा 7,50,824 करोड़ रुपये था। सरकार के व्यय और राजस्व के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहते हैं।
वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि में घाटा बजट अनुमान का 45 प्रतिशत था।
सरकार ने आम बजट में चालू वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 प्रतिशत तक लाने का अनुमान लगाया है। इस तरह, सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे को 16,13,312 करोड़ रुपये पर सीमित रखना है।
वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों के लिए केंद्र सरकार के राजस्व-व्यय के आंकड़ों के मुताबिक शुद्ध कर राजस्व लगभग 13 लाख करोड़ रुपये या चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 50.5 प्रतिशत था।
इससे पिछले वित्त वर्ष के लिए सितंबर 2023 के अंत में शुद्ध कर राजस्व संग्रह 55.9 प्रतिशत था।
इस साल अक्टूबर तक सात महीनों में केंद्र सरकार का कुल व्यय 24.7 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 51.3 प्रतिशत रहा। एक साल पहले की इसी अवधि में व्यय बजट अनुमान का 53.2 प्रतिशत था।
कुल व्यय में 20 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते में और 4.66 लाख करोड़ रुपये पूंजी खाते में थे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 29, 2024 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

