तेलंगाना से 1,200 प्रवासी कर्मियों को लेकर रांची पहुंची पहली विशेष ट्रेन
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नयी दिल्ली : रांची, एक मई लॉकडाउन के कारण तेलंगाना में फंसे 1,200 प्रवासी श्रमिकों को लेकर पहली विशेष ट्रेन शुक्रवार रात को झारखंड के हटिया स्टेशन पहुंची।

अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के रात सवा 11 बजे हटिया स्टेशन पहुंचने के बाद श्रमिकों को भोजन के पैकेट और फूल दिए गए।

रांची उपायुक्त राय महिमापत रे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिश गुप्ता समेत कई अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों ने श्रमिकों के आगमन की निगरानी की। इस दौरान सैनिटाइजरों का प्रबंध किया गया और प्रवासी कर्मियों को मास्क पहने देखा गया।

रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 25 मार्च से देश भर में लागू लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की वापसी के लिए शुक्रवार को विशेष नॉन-स्टॉप ‘श्रमिक ट्रेनें’ शुरू कीं।

रेलवे ने सुबह सावधानीपूर्वक एक अभियान में गोपनीयता बरतते हुए अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर पहली ट्रेन की शुरूआत की। यह ट्रेन 1,200 प्रवासी श्रमिकों को लेकर तेलंगाना में हैदराबाद से झारखंड के हटिया के लिए सुबह साढ़े बजे रवाना हुई थी जो रात सवा 11 बजे गंतव्य पहुंच गई।

इसी प्रकार महाराष्ट्र के नासिक में फंसे 332 प्रवासी श्रमिकों को लेकर भोपाल जाने वाली विशेष श्रमिक ट्रेन रात साढ़े नौ बजे नासिक से रवाना हुई। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इस ट्रेन के रवाना होने के समय नासिक रोड स्टेशन पर जिलाधिकारी सूरज मंधारे, पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटिल और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

अधिकारियों ने बताया कि इसी प्रकार एक ट्रेन नासिक से लखनऊ भेजने का कार्यक्रम था किंतु उसकी रवानगी का समय अभी तय नहीं हो पाया है।

रेलवे ने शुक्रवार को छह श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। शेष पांच ट्रेनों में नासिक से लखनऊ, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया के बीच चलने वाली ट्रेन शामिल हैं।

हैदराबाद से लगभग 50 किलोमीटर दूर पड़ोसी संगारेड्डी जिले के प्रवासी श्रमिकों को बसों में लाया गया और उन्हें 24-डिब्बों वाली ट्रेन में चढ़ने की अनुमति दी गई।

विशेष ट्रेन में सवार होने वाले कुछ कामगार संगारेड्डी में स्थित आईआईटी, हैदराबाद में काम कर रहे थे। वहां निर्माण मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पैसों का भुगतान नहीं होने का आरोप लगा रहे श्रमिकों ने पथराव भी किया था।

एक महीने से अधिक समय से रेल सेवाओं के स्थगित रहने के बाद रेलवे ने फंसे लोगों की वापसी के लिए विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। कई राज्यों ने ट्रेन सेवाओं की मांग की थी क्योंकि माना जा रहा था कि बड़ी संख्या में प्रवासी लोगों को बसों से ला पाना आसान नहीं है।

रेलवे द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यात्रियों के रवाना होने से पहले राज्यों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे, उन्हें ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी

रेलवे ने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए राज्यों द्वारा यात्रियों को जत्थों में और संक्रमणमुक्त बसों में स्टेशन तक लाया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। ट्रेन जहां से चलेगी, वहीं यात्रियों को भेजने वाले राज्य की ओर से पानी और भोजन मुहैया कराए जाएंगे।

रेलवे ने कहा कि वह यात्रियों के सहयोग से सामाजिक दूरी मानदंड और स्वच्छता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। लंबी दूरी की ट्रेनों में रेलवे यात्रा के दौरान भोजन उपलब्ध कराएगा।

ट्रेन के गंतव्य पर पहुंचने के बाद राज्य सरकार आगे का जिम्मा उठाएगी और यात्रियों की जांच कराएगी।

इस बीच मध्य रेलवे ने शुक्रवार को लोगों से अपील की कि वे रेलवे स्टेशनों पर एकत्र नहीं हों। केवल उन्हीं यात्रियों को ट्रेनों में सवार होने की अनुमति दी जाएगी जिन्हें राज्य सरकार की ओर से यात्रा करने की अनुमति होगी।

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