Mumbai Fire: मुंबई की इमारत में लगी आग, 19वीं मंजिल से गिरकर सुरक्षा गार्ड की मौत
उन्होंने बताया कि करी रोड पर ‘वन अविघ्न पार्क’ नामक इमारत की 19वीं मंजिल पर मध्याह्न से पहले आग लगी. अधिकारी ने कहा, “आग लगने के बाद इमारत का एक सुरक्षा गार्ड अरुण तिवारी (30) 19वीं मंजिल पर गया. उसे जल्द ही यह एहसास हो गया कि वह फंस गया है और आग से बचने के लिए वह फ्लैट की बालकनी से लटक गया.
मुंबई, 22 अक्टूबर: मुंबई (Mumbai) में शुक्रवार को 61 मंजिला एक आवासीय इमारत की 19वीं मंजिल पर आग लगने के बाद एक फ्लैट से एक सुरक्षा गार्ड (Security Guard) नीचे गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई. अग्निशमन विभाग (Fire Department) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. सोशल मीडिया (Social Media) पर इस घटना का एक वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है जिसमें व्यक्ति को गिरने से पहले बालकनी से लटका हुआ देखा जा सकता है.यह भी पढ़े: Mumbai Fire: बिल्डिंग में लगी भीषण आग से बचने के लिए बालकनी से लटका शख्स, 19वीं मंजिल से गिरने से हुई मौत
उन्होंने बताया कि करी रोड पर ‘वन अविघ्न पार्क’ नामक इमारत की 19वीं मंजिल पर मध्याह्न से पहले आग लगी. अधिकारी ने कहा, “आग लगने के बाद इमारत का एक सुरक्षा गार्ड अरुण तिवारी (30) 19वीं मंजिल पर गया. उसे जल्द ही यह एहसास हो गया कि वह फंस गया है और आग से बचने के लिए वह फ्लैट की बालकनी से लटक गया. वह कई मिनट तक बालकनी की रेलिंग पकड़े रहा लेकिन अंततः वह गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई. ”
उन्होंने कहा कि तिवारी के गिरने के बाद उसे केईएम अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत अवस्था में लाया गया घोषित कर दिया गया. अग्निशमन विभाग ने इसे ‘स्तर-चार’ की आग घोषित किया है. नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम चार बजकर 20 मिनट पर आग पर काबू पाया जा सका.
महानगर पालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने संवाददाताओं से कहा कि घटना की जांच की जाएगी. मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि यदि इमारत में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों को उचित प्रशिक्षण दिया गया होता तो तिवारी का जीवन बचाया जा सकता था.उन्होंने कहा कि इमारत के सुरक्षा सेवा गार्डों के पास कार्रवाई करने और तिवारी को बचाने के लिए 15 मिनट का समय था. महापौर ने कहा कि वे गार्ड को बचाने के लिए कोई बड़ा कपड़ा या जमीन पर गद्दा बिछा सकते थे.
पेडनेकर ने कहा, “आवश्यक कदम उठाने के लिए उनके पास 15 मिनट का समय था. अगर उन्होंने उसे नीचे किसी चादर में लपक लिया होता या जमीन पर गद्दा बिछा दिया होता तो वह बच जाता. ”उन्होंने कहा कि अग्निशमन के लोग जब तक तिवारी को बचाने के लिए सीढ़ी लगाते तब तक रेलिंग से उसकी पकड़ छूट चुकी थी.
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2021 04:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

