नयी दिल्ली/ कोलकाता, नौ मार्च राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला यात्री का उत्पीड़न करने और मोबाइल फोन से गुप्त रूप से उसका वीडियो रिकॉर्ड करने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आयोग ने सोशल मीडिया के जरिये यह जानकारी दी।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर के निर्देश पर कार्य करते हुए आयोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि यह कृत्य ताक-झांक के समान है और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत निपटा जाना चाहिए।
आयोग से कहा कि आरोपी ने पीड़िता की निजी जानकारी भी ऑनलाइन सार्वजनिक कर दी।
आयोग ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि मामले में प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) अधिनियम, 2023 की धारा 77, जो ताक-झांक से संबंधित है, के साथ-साथ उसी अधिनियम की धारा 75 और 79 को भी शामिल किया जाए।
एनसीडब्ल्यू ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66ई की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से निजता के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करती है।
यह घटना कथित तौर पर पांच मार्च को हुई जब महिला बालुरघाट एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY