कोविड-19 से निपटने के लिए सब एक होकर लड़ें :धार्मिक नेताओं की अपील
धर्म गुरुओं ने धर्म के नाम पर अवैज्ञानिक मान्यताओं और तरीकों के प्रचार की निंदा की।
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल मनुष्य की अंतरात्मा को सभी की भलाई में लगाने के लिए धर्म को संभवत: सबसे शक्तिशाली तरीका बताते हुए विभिन्न संप्रदायों के 22 आध्यात्मिक गुरुओं ने बुधवार को जनता से सामूहिक अपील की कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा।
धर्म गुरुओं ने धर्म के नाम पर अवैज्ञानिक मान्यताओं और तरीकों के प्रचार की निंदा की।
उन्होंने बयान में कहा, ‘‘आज कोरोना वायरस का प्रकोप इस बात को आवश्यक बना देता है कि एकता और मानव परिवार का आपसी संयोजन जरूरी है जहां एक व्यक्ति की भलाई सभी के कल्याण पर निर्भर है।’’
इसमें कहा गया, ‘‘पिछले कुछ सप्ताह में देखने में आया कि संकट के इस दौर से निकलने के हमारे रास्ते में सबसे बड़े अवरोधों में स्वार्थी या आत्मकेंद्रित होने की प्रवृत्ति है, वो चाहे व्यक्ति की हो, समुदाय की हो या राष्ट्र की हो।’’
बयान में कहा गया, ‘‘यह प्रवृत्ति खतरनाक और प्राणघातक साबित हुई है।’’
इस पहल की शुरुआत करने वाले बहाई सार्वजनिक मामलों के कार्यालय ने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोगों द्वारा एक आवाज में बोलने की तत्काल जरूरत को देखते हुए यह बयान जारी किया गया।
वक्तव्य पर हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बहाई, यहूदी, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों के प्रतिष्ठित धर्मगुरुओं ने हस्ताक्षर किये हैं। इनमें परमार्थ निकेतन आश्रम के स्वामी चिदानंद सरस्वती, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलयासी और दिल्ली के आर्च बिशप अनिल जोसफ थॉमस कूटो शामिल हैं।
हस्ताक्षर करने वालों में रामकृष्ण मिशन के स्वामी शांतात्मानंद, भारतीय सर्व धर्म संसद के गोस्वामी सुशील जी महाराज, अहिंसा विश्व भारती के आचार्य लोकेश मुनि, बांग्ला साहिब गुरुद्वारा के परमजीत सिंह चंडोक और तिब्बत हाउस के गेशे दोरजी दामदुल आदि भी शामिल हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 09:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

