एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | फेडरल रिजर्व बैठक के ब्योरे, मुनाफावसूली से शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 394 अंक लुढ़का

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वैश्विक बाजारों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के बीच घरेलू बाजार में भी बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 394 अंक लुढ़क गया। एनएसई निफ्टी भी 11,350 के स्तर से नीचे बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आर्थिक परिदृश्य को लेकर निराशाजनक रिपोर्ट से दुनिया भर में निवेशक धारणा पर असर पड़ा है।

जरुरी जानकारी | फेडरल रिजर्व बैठक के ब्योरे, मुनाफावसूली से शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 394 अंक लुढ़का

मुंबई, 20 अगस्त वैश्विक बाजारों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के बीच घरेलू बाजार में भी बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 394 अंक लुढ़क गया। एनएसई निफ्टी भी 11,350 के स्तर से नीचे बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आर्थिक परिदृश्य को लेकर निराशाजनक रिपोर्ट से दुनिया भर में निवेशक धारणा पर असर पड़ा है।

कारोबारियों के अनुसार रुपये की विनिमय दर में तीव्र गिरावट और हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली से भी घरेलू शेयर बाजारों पर असर पड़ा।

यह भी पढ़े | Adhir Ranjan Chaudhry: कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा पत्र, संसद की कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम शामिल होने की मांगी अनुमति.

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला और पूरे कारोबार के दौरान नकारात्मक दायरे में रहा। अंत में 394.40 अंक यानी 1.02 प्रतिशत का गोता लगाकर 38,220.39 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 96.20 अंक यानी 0.84 प्रतिशत टूटकर 11,312.20 अंक पर बंद हुआ।

यह भी पढ़े | Northeast Frontier Railway Recruitment 2020: रेलवे में अप्रेंटिस पद के लिए 4499 भर्ती, 10वीं पास कर सकते हैं अप्लाई.

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सर्वाधिक नुकसान एचडीएफसी को हुआ। कंपनी का शेयर 2.35 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड बैंक के शेयर भी टूटे।

दूसरी तरफ सेंसेक्स के मात्र पांच शेयरों... एनटीपीसी, ओएनजीसी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील में 6.87 प्रतिशत तक की तेजी आयी।

वैश्विक बाजारों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के ब्योरे का असर पड़ा। इसमें कोविड-19 महामारी के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को रेखांकित किया गया है।

फेडरल ओपेन मार्कट कमेटी का कहना है कि महामारी से प्रभावित आर्थिक परिदृश्य के साथ वित्तीय प्रणाली को उल्लेखनीय जोखिम है।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व ने श्रम बाजारों में पिछले महीने जो सुधार देखा था, उसमें तेजी बने रहने को संदेह जताया है। वैश्विक स्तर पर बाजार इस उम्मीद पर निर्भर है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में पुनरूद्धार होगा तथा व्यापार सामान्य स्थिति में आएगा। हालांकि ब्योरे में कुछ भी नया नहीं है। बाजार ने उसी के अनुरूप गिरावट के रूप में प्रतिक्रिया दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बैंक सूचकांक की अगुवाई में ज्यादातर खंडवार सूचकांक नुकसान में हैं। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है। आज की तरह एक ओर गिरावट बाजार में नकारात्मकता ला सकती है।’’

एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई, हांगकांग, जापान का तोक्यो और दक्षिण कोरिया के सोल में भारी गिरावट आयी।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में बिकवाली दबाव देखने को मिला।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 44.89 डॉलर प्रति बैरल रहा।

इधर, विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे टूटकर 75.02 पर बंद हुआ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2020 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).