देश की खबरें | जाति या धर्म के आधार पर विभाजित न हों किसान: टिकैत

औरंगाबाद, 11 अप्रैल भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार चाहती है कि किसान खेती छोड़ दें।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जातियों और धर्मों में विभाजित न हों, बल्कि एक समुदाय के रूप में मतदान किया करें ताकि सरकार को उनके पक्ष में नीतियों को बदलने के लिए मजबूर किया जा सके।

एमजीएम विश्वविद्यालय और महात्मा फुले सामाजिक समता प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित एक समारोह में टिकैत ने एक मजबूत विपक्ष तैयार करने का आह्वान किया।

टिकैत ने कहा, ''किसानों को एक किसान समुदाय के रूप में वोट देना चाहिए। तभी सरकार उनके महत्व को समझेगी और उन्हें फायदा पहुंचाने वाले फैसले लेगी।''

टिकैत ने बिजली के संबंध में केंद्र की नीतियों के लिए उसकी आलोचना की।

उन्होंने कहा, ''कई राज्य (किसानों को) मुफ्त बिजली देते हैं। लेकिन केंद्र बिजली संशोधन विधेयक लाना चाहता है जिसमें प्रावधान है कि दो मवेशियों वाले छोटे किसानों को भी वाणिज्यिक उपभोक्ता कनेक्शन लेना होगा। क्या किसान वाणिज्यिक कनेक्शन लेकर जीवित रह सकता है?''

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चाहती है कि किसान खेती करना छोड़ दें।

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