रायपुर, आठ दिसंबर भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पार्टी के छत्तीसगढ़ मामलों की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने कहा है कि कांग्रेस खुद को किसानों का रक्षक होने का दावा करती है, लेकिन राज्य में पिछले एक वर्ष के दौरान 234 किसानों ने आत्महत्या की है।
पुरंदेश्वरी पार्टी के छत्तीसगढ़ मामलों का प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार राज्य के दौरे पर है।
उन्होंने प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रही है। छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में 234 किसानों ने आत्महत्या की है। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी को क्या यह कहने का अधिकार है कि वे किसानों के रक्षक हैं और भाजपा किसानों की रक्षक नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह रहे हैं कि नए कृषि कानून लागू होने के बाद अब कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) कानून को समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन नए कानूनों में देश में कृषि उपज बाजार प्रणाली को मजबूत करने और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
भाजपा नेता ने कहा, “अगर हम इतिहास में थोड़ा पीछे जाएं तब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने कहा था कि एपीएमसी कानून को समाप्त करना आवश्यक है। आज नए कृषि कानूनों ने किसानों को देश में कहीं भी जहां उन्हें अच्छी कीमत मिले वहां अपनी उपज बेचने का अवसर दिया है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने किसानों के हित में कई योजनाएं शुरू की हैं।
पुरंदेश्वरी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों और रोजगार से जुड़े चुनावी वादों को पूरा नहीं किया है।
भाजपा के छत्तीसगढ़ मामलों की प्रभारी पुरंदेश्वरी सोमवार को यहां पहुंची थी और दो दिनों के दौरान उन्होंने राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें की।
संजीव
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