कुरुक्षेत्र (हरियाणा), 12 जून किसानों ने सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग पर जोर देने को लेकर सोमवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिपली में महापंचायत करने के बाद दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग बाधित कर दिया।
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) द्वारा बुलाई गई "एमएसपी दिलाओ, किसान बचाओ महापंचायत" राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के पास पिपली में एक अनाज मंडी में आयोजित की गई थी।
महापंचायत के बाद किसान राजमार्ग पर जमा हुए और उसे अवरुद्ध कर दिया। पुलिस ने दिल्ली की ओर से आ रहे वाहनों को कुरुक्षेत्र बाईपास की ओर मोड़ दिया।
महापंचायत में विभिन्न खाप के नेता और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत के अलावा, भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया भी मौजूद थे।
इस महापंचायत में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान भी शामिल हुए।
महापंचायत में किसान नेता करम सिंह मथाना ने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने उनकी मांगों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ एक बैठक का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अब वे कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री करनाल से निकल गए हैं।’’
मथाना ने कहा, ‘‘इस वजह से महापंचायत का आयोजन करने वाली स्थानीय समिति ने हमारी मांगें पूरी होने तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को बंद करने का फैसला किया।’’
यह राजमार्ग दिल्ली-कुरुक्षेत्र-अमृतसर मार्ग को जोड़ता है।
कुरुक्षेत्र के उपायुक्त शांतनु शर्मा ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि एमएसपी पर सूरजमुखी के बीज की खरीद के मुद्दे को हल करने के लिए जिला प्रशासन, बीकेयू नेताओं के साथ रविवार से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भी हमने उनसे कुछ समय देने के लिए कहा ताकि हम मुख्यमंत्री के साथ बैठक की व्यवस्था कर सकें। हालांकि, बीकेयू नेताओं ने राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया।’’ उन्होंने कहा कि किसानों को नाकाबंदी हटाने के लिए कहा जा रहा है।
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