देश की खबरें | किसान मजदूर आयोग ने प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की

नयी दिल्ली, 19 मार्च किसान मजदूर आयोग ने शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस कार्रवाई की मंगलवार को निंदा की और किसानों के लिए पूर्ण रूप से ऋण माफ करने और महिला कृषकों के लिए भूमि अधिकार की मांग की।

किसान मजदूर आयोग 23 से अधिक किसानों और श्रमिक समितियों के साथ मिलकर उनके अधिकारों तथा हितों के लिए काम करता है।

अखिल भारतीय किसान सभा के प्रमुख अशोक धवले ने एजेंडा पेश करते हुए कहा, ‘‘ आयोग ने एजेंडे को तीन भागों में बांटा है- पहला भूमि तथा पानी के अधिकार, जबकि दूसरा भोजन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार की मांग पर केंद्रित है। इस एजेंडे का तीसरा हिस्सा सार्वजनिक एवं बैंक वित्त, उत्पादन लागत और ज्ञान एवं बाजार तक पहुंच के अधिकारों पर केंद्रित है।’’

किसानों के लिए ऋण को पूर्ण रूप से माफी करने और कृषि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने खेती करने वाली महिलाओं को ‘‘किसान’’ के रूप में पहचान दिलाने और उन्हें भूमि अधिकार देने तथा पट्टे की भूमि पर उनके किरायेदारी अधिकारों को सुदृढ़ करने की भी मांग की।

राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं के पास किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ ने कहा, ‘‘ शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले दागे जाने की खबरें देखी गईं जबकि ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे किसानों की स्थिति अच्छी नहीं है, वर्ष 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने के सरकार के वादे के बावजूद आय ग्रामीण औसत से कम है।’’

फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को मनवाने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के खातिर पिछले माह संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के ‘‘दिल्ली चलो’’ मार्च के दौरान पंजाब-हरियाणा की शंभू और खनौरी सीमा पर हरियाणा पुलिस ने कथित तौर पर आंसू गैस के गोले दोगे थे।

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