देश की खबरें | फर्जी विश्वविद्यालय मामला: सरकारी विवि के कुलपति समेत पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

जयपुर, 20 अप्रैल राजस्थान पुलिस ने एक नया निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने संबंधी विधेयक के वास्ते फर्जी जानकारी पेश करने के आरोप में एक सरकारी विश्वविद्यालय के कुलपति और चार अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

यह मामला सामने आने के बाद पिछले महीने राज्य सरकार ने तत्काल मसौदा कानून को वापस ले लिया था।

प्राथमिकी में राज्य सरकार के उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमरीका सिंह और सीकर स्थित गुरुकुल शिक्षण संस्थान के संस्थापक ट्रस्टी रंजीत सिंह का नाम शामिल है जिन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव दिया था।

इनके अलावा, अलवर के सरकारी विधि कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ विजय बेनीवाल, जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जयंत सिंह और उदयपुर के प्रोफेसर घनश्याम सिंह राठौर का नाम भी प्राथमिकी में है।

राज्य विधानसभा में 24 फरवरी को पेश किए गए विधेयक के मुताबिक, सीकर में गुरुकुल शिक्षण संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित किया जाना प्रस्तावित था और इसकी आधारभूत संरचना के सत्यापन का कार्य प्रोफेसर अमरीका सिंह की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया गया। इस समिति में बेनीवाल, जयंत सिंह और घनश्याम राठौर भी सदस्य थे।

यह विधेयक 22 मार्च को पारित होना प्रस्तावित था। हालांकि, सरकार को विधानसभा सत्र के पहले दिन ही गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर विधेयक, 2022 को वापस लेना पड़ा क्योंकि सदन में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर ने आरोप लगाया कि जिस आधारभूत संरचना का उल्लेख किया गया है, वह असल में केवल कागजों तक ही सीमित है।

इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने सीकर जिलाधिकारी से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी जबकि सरकार ने जयपुर संभागीय आयुक्त को जांच के आदेश दिए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने सोमवार को जयपुर के अशोक नगर थाने में मामला दर्ज कराया।

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