बैंकाक, 17 जुलाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को यहां नेपाल एवं बांग्लादेश के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की और अपने नेतृत्वों द्वारा निर्धारित सहयोग के एजेडें को लागू करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। जयशंकर ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया।
जयशंकर बिम्सटेक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अभी थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में है।
बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) की स्थापना 1997 में हुई थी। यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय समूह है जिसमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमा, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। इस समूह के देशों की कुल आबादी 1.73 अरब है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 4000 अरब डॉलर से अधिक का है।
जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ नेपाल के विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सौद से मुलाकात अच्छी रही। हमारे नेतृत्व द्वारा निर्धारिक सहयोग के एजेंडे को लागू करने पर मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।’’
उन्होंने बैठक के चित्र के साथ ट्वीट में कहा, ‘‘ सम्पर्क बनाये रखने को लेकर आशान्वित हूं।’’
विदेश मंत्री जयशंकर ने बांग्लादेश के अपने समकक्ष अब्दुल मोमिन से भी मुलाकात की।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन से मुलाकात कर प्रसन्न हूं। हमने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया।’’
इससे पहले, जयशंकर ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओ चा से भेंट की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित की।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने थाईलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बिम्सटेक को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता साझा की।
जयशंकर ने बिम्सटेक क्षेत्र के देशों के अपने समकक्षों के साथ सोमवार को सार्थक चर्चा की जिसमें नेताओं ने प्रगति और समृद्धि को प्रोत्साहित करने के साझा उद्देश्यों को लेकर ‘‘लचीलेपन एवं समन्वय’’ को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
दीपक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY