जरुरी जानकारी | अमेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों की भारी मांग से निर्यात में तेजी: टीपीसीआई

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारत के चावल, मसालों और जरूरी खाद्य तेलों जैसे कृषि उत्पादों की बढ़ती मांग से घरेलू व्यापारियों को अमेरिका में अपना निर्यात बढ़ाने में मदद मिल रही है।

भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने कहा कि जुलाई में इन उत्पादों के निर्यातों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंगला ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय चावल, मसालों और सब्जियों की मांग में वृद्धि हुई है, इसके साथ साथ आवश्यक खाद्य तेलों, सोयाबीन खली और चिकित्सा उपयोग वाले कुछ अर्क शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत के खाद्य और कृषि उत्पादों की महामारी के दौरान मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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सिंगला ने कहा कि नीतिगत उपायों के जरिये बनाए गए अनुकूल घरेलू पारिस्थितिकी तंत्र के कारण भारतीय कृषि और खाद्य उत्पादों की वैश्विक स्तर पर मांग में वृद्धि होगी।

टीपीसीआई के अनुसार जुलाई में चावल और मसालों का निर्यात क्रमशः 3.4 करोड़ डॉलर और 2.4 करोड़ डॉलर का हुआ। इसी तरह, चिकित्सा के उपयोग के लिए सब्जी के रस और अर्क का निर्यात; आवश्यक तेल; और सोयाबीन खली का निर्यात क्रमशः 2.4 करोड़ डॉलर, 2.3 करोड़ डॉलर और 2.1 करोड़ डॉलर का हुआ।

इसमें कहा गया है कि जुलाई में भारत ने अमेरिका को 33,500 टन चावल बेचा।

सिंगला ने कहा कि खाद्य उत्पादों के लिए भारी ऑर्डर होने के बावजूद निर्यातक कंटेनरों की अनुपलब्धता के कारण समय पर आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं।

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