देश की खबरें | न्याय प्रणाली से जुड़े तीन विधेयकों पर विशेषज्ञों ने संसदीय समिति के समक्ष विचार प्रस्तुत किये

नयी दिल्ली, 11 सितंबर सीबीआई के पूर्व निदेशक प्रवीण सिन्हा ने संसद की एक समिति के समक्ष भारतीय न्याय प्रणाली पर दूरगामी प्रभाव डालने वाले तीन विधेयकों--‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’, ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023’ और ‘भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023’-- पर सोमवार को प्रस्तुति दी।

सूत्रों ने बताया कि इन विधेयकों पर गृह संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सीबीआई के पूर्व निदेशक प्रवीण सिन्हा ने पुराने कानूनों और इसमें बदलाव के बाद प्रस्तुत किये गए विधेयकों का तुलनात्मक अध्ययन पेश किया।

उन्होंने बताया कि गृह संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सीबीआई के पूर्व निदेशक प्रवीण सिन्हा, विधि कार्य विभाग की संयुक्त सचिव डा. पद्मिनी सिंह और बीपीआर एंड डी की अधिकारी अनुपमा निलेकर चंद्रा ने अपने विचार प्रस्तुत किये।

उन्होंने बताया कि इन विशेषज्ञों ने उक्त तीनों विधेयकों पर प्रस्तुति दी और समिति के सदस्यों ने कुछ विषयों को समझने के लिए उनसे सवाल भी पूछे।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजलाल गृह संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं।

सोमवार को हुई समिति की बैठक में इसके अध्यक्ष बृजलाल के अलावा कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम, रवनीत सिंह बिट्टू, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, भारतीय जनता पार्टी के राकेश सिन्हा, नीरज शेखर, सत्यपाल सिंह आदि मौजूद थे।

समिति की अगली बैठक 12 और 13 सितंबर को बुलाई गई है। बारह सितंबर को होने वाली बैठक में पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. विक्रम सिंह, गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक केशव कुमार तथा गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नवीन चौधरी अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

समिति की 13 सितंबर को होने वाली बैठक में भी कुछ विषय विशेषज्ञ विचार रखेंगे।

इस विषय पर स्थायी समिति की पिछली बैठकें 24, 25 और 26 अगस्त को हुई थीं।

पिछली बैठकों में प्रस्तावित कानून के विभिन्न आयामों को लेकर गृह सचिव अजय भल्ला ने विस्तृत प्रस्तुति दी थी।

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