जयपुर, 27 अगस्त अधिकारियों और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे जल संरक्षण और जल संग्रहण के पारंपरिक बुनियादी तौर तरीकों व ढांचों के पुनरोद्धार में मदद करें ताकि अधिक से अधिक जल बचाया जा सके।
अधिकारियों व विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को जल संरक्षण और चुनौतियों को लेकर आयोजित एक वेबिनार में यह अपील की। इसमें विशेषज्ञों ने सरकारी नीतियों और योजनाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
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जन स्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग में अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार जैन ने कहा, ‘‘लोगों को जल संरक्षण का समर्थन करना चाहिए और पारंपरिक जल संचयन सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’
उन्होंने जल संरक्षण में सरकार की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट स्टडीज जयपुर के निदेशक एम एस राठौड़ ने कहा कि सरकार को समान रूप से जलापूर्ति में सामाजिक संगठनों या गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका को मजबूत करना चाहिए।
सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीएफएआर) द्वारा आयोजित वेबिनार में उन्होंने कहा, "सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि झुग्गी झोपड़ी वाले इलाकों में भी लोगों को पानी मिले जिसकी उन्हें जरूरत है।'
वेबिनार में विभिन्न शहरों के 275 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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