गुवाहाटी, 12 जुलाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार भूटान से आसपास के इलाकों में आने वाले पानी के बहाव के कारण आई बाढ़ और कटाव की समस्या का समाधान निकालने के लिए विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करेगी।
सरमा ने रेखांकित किया कि इस पर एक अध्ययन की आवश्यकता है कि कैसे भूटान से बहने वाले पानी को व्यवस्थित रूप दिया जा सकता है जिससे कि नदी के किनारे कटाव को नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने चिरांग जिले के लाओखरीगुड़ी में एक कटाव स्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि जल संसाधन विभाग को पहले ही एक परियोजना तैयार करने के लिए कहा गया है और इसके आधार पर दीर्घकालिक उपाय किए जाएंगे।
सरमा ने कहा, ‘‘चूंकि असम भूटान की तलहटी में स्थित है, इसलिए बाढ़ और ऊपरी इलाकों से पानी के बहाव के कारण कटाव हमारे लिए निरंतर बनी रहने वाली समस्या होगी। हमें विशेषज्ञों से बात करनी होगी और समाधान खोजना होगा।’’
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि तटबंध केवल एक सीमा तक ही पानी रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि भूटान और असम में बारिश होने पर समस्याएं और बढ़ जाती हैं।
राज्य में इस साल अब तक बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 192 लोग मारे गए हैं, जबकि 10 जिलों में 3.6 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।
सरमा ने लाहौरीगुड़ी राहत शिविर में सुविधाओं की समीक्षा की। वह बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास उपायों की समीक्षा करने के लिए बोंगईगांव जिले में भी गए थे।
उन्होंने बाद में ट्वीट किया, ‘‘बोंगईगांव में श्रीजंग्राम रेवेन्यू सर्कल के तहत टिंकोनिया पार्ट 1 (गोबिंदपुर) का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की।’’
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