नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी घोटाला मामले के संबंध में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सोमवार को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
अधिकारियों ने बताया कि वह पूर्वाह्न सवा 11 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। उन्हें सीधे पहली मंजिल पर भ्रष्टाचार रोधी शाखा के कार्यालय ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री से दिल्ली सरकार की आबकारी नीति, कारोबारी विजय नायर समेत अन्य आरोपियों से उनके संबंध और मामले में तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के विभिन्न पहलुओं पर नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सिसोदिया बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों से बात किए बगैर ही सफेद रंग की अपनी एसयूवी कार में एजेंसी के कार्यालय से रवाना हो गए।
सूत्रों ने बताया कि उन्हें मंगलवार को पेश होने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के लोकसभा सदस्य मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे राघव रेड्डी से भी पूछताछ की।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में सिसोदिया ने दावा किया कि उन पर ‘आप’ छोड़ने का दबाव बनाया गया था और दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की पेशकश की गयी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा कहती है कि आबकारी घोटाला 10,000 करोड़ रुपये का है। मैंने सीबीआई कार्यालय में पाया कि कोई घोटाला नहीं है और मामला फर्जी है। मेरे खिलाफ फर्जी मामला भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ को दिल्ली में सफल बनाने का षड्यंत्र है।’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आप छोड़ने के लिए मुझ पर दबाव डाला गया। मुझे दिल्ली का मुख्यमंत्री पद पाने या जेल की सजा काटने की पेशकश की गयी। जब मैंने कहा कि मेरे खिलाफ कोई मामला नहीं है तो मुझे कहा गया कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ भी कोई मामला नहीं था लेकिन फिर भी वह जेल में हैं।’’
सिसोदिया ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा कि मैं आप में क्यों हूं और मुझे पार्टी छोड़ने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की पेशकश की। उन्होंने कहा कि मैं जेल जा सकता हूं और मेरे खिलाफ मामला जारी रहेगा। मैंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री बनने के लिए राजनीति में नहीं आया, मैं ईमानदारी से काम करने के लिए राजनीति में आया हूं। मैंने साफ कहा कि मुझे खुशी होती जब रिक्शा चलाने वाले का बेटा इंजीनियर बनता है और मुख्यमंत्री बनने के बारे में मैं नहीं सोच रहा।’’
वहीं, सीबीआई ने सिसोदिया के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में पूछताछ के दौरान उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने की धमकी दी गयी।
उसने एक बयान में कहा, ‘‘सीबीआई ऐसे आरोपों का कड़ा खंडन करती है और दोहराती है कि सिसोदिया से पूछताछ प्राथमिकी में उनके खिलाफ लगे आरोपों के अनुसार ही पेशेवर तथा कानूनी तरीके से की गयी। मामले की जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी।’’
सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया से प्राथमिकी में लगाए आरोपों और जांच के दौरान अभी तक मिले सबूतों को लेकर पूछताछ की गयी।
एजेंसी ने कहा, ‘‘उनके बयान की पुष्टि की जाएगी और जांच की आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’
पूछताछ के लिए सीबीआई दफ्तर पहुंचने से पहले सिसोदिया सुबह अपनी पार्टी के कार्यालय में गए और वहां से वह राजघाट गए।
सीबीआई कार्यालय जाने के दौरान देशभक्ति संगीत के बीच सिसोदिया के काफिले में पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
विधायक आतिशी और सांसद संजय सिंह समेत आप के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेएलएन स्टेडियम के समीप प्रदर्शन किया। सिंह को बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया और प्रदर्शन स्थल से हटा दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY