नयी दिल्ली, नौ जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने कथित आय से अधिक संपत्ति रखने और रिश्वतखोरी से जुड़े एक मामले में धन शोधन निरोधक कानून के तहत मध्य प्रदेश के एक पूर्व ईपीएफओ अधिकारी और उसके परिवार की 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है।
केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अधिकारी श्यामलाल अखंड के खिलाफ मंगलवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अनंतिम आदेश जारी किया गया।
ईडी ने दावा किया कि वर्ष 2009 से 2019 की जांच अवधि के दौरान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रवर्तन अधिकारी के रूप में अखंड ने अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अवैध रूप से अर्जित करने के लिए अपने आधिकारिक पद का "दुरुपयोग" किया।
ईडी के अनुसार जांच में पाया गया कि वह "भ्रष्ट" गतिविधियों में लिप्त था जिसमें "रिश्वत" मांगना और लेना भी शामिल था तथा उसने "अपराध से प्राप्त धन" का उपयोग अपने और अपनी पत्नी तथा बेटे के नाम पर अचल संपत्तियां अर्जित करने में किया।
कुर्क की गई संपत्तियों में उज्जैन जिले के नलवा गांव में एक कृषि भूमि शामिल है (जो संयुक्त रूप से उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर है) और इंदौर जिले के जख्या गांव में एमराल्ड सिटी में एक आवासीय भूखंड भी शामिल है जो अखंड के नाम पर पंजीकृत है।
ईडी के अनुसार इन संपत्तियों का मूल्य 50.80 लाख रुपये है।
अधिकारी के खिलाफ धन शोधन का मामला सीबीआई द्वारा अखंड के खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकी दर्ज करने के बाद बना है। इसमें एक प्राथमिकी रिश्वत लेने के लिए और दूसरी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के लिए दर्ज की गयी थी।
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