पुणे, 18 नवंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने बुधवार को कहा कि विरोध के बावजूद, देश में कोरोना वायरस महामारी के बीच कालेजों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गईं।
यहां एक आयोजन में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि महामारी के दौरान शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षकों ने जिस प्रकार ऑनलाइन मंचों के जरिये शिक्षण कार्य किया है इसके लिए वह प्रशंसा के पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अंतिम वर्ष की परीक्षा कराने के लिए दृढ़ संकल्प लिया था क्योंकि यदि छात्रों को बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण कर दिया जाता तो जीवनभर के लिए उन पर ‘कोविड-19 के दौरान उत्तीर्ण’ होने का ठप्पा लग जाता।
पोखरियाल ने कहा, “हमने सख्त रुख अपनाया और परीक्षा कराने का निर्णय लिया। कुछ लोगों ने निर्णय का विरोध किया कुछ लोग उच्चतम न्यायालय तक चले गए लेकिन न्यायालय ने उनकी याचिकाओं को निरस्त कर दिया और परीक्षा कराने का आदेश दिया।”
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उन्होंने कहा कि जब जेईई और नीट परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया तब कुछ लोगों ने सड़कों पर विरोध किया लेकिन ज्यादातर छात्र, जिन्होंने रातभर पढ़ाई की थी, वह परीक्षा के पक्ष में थे।
मंत्री ने कहा कि जेईई और नीट का आयोजन इतना सफल रहा कि जब चुनाव आयोग से पूछा गया कि महामारी के दौरान वह बिहार चुनाव कैसे कराएगा......तो उसका जवाब था था कि वह जेईई और नीट के आयोजन के लिए अपनाए गए 'पैटर्न' का अनुसरण करेगा।
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