नयी दिल्ली, 13 सितम्बर सशस्त्र बलों के पूर्व सैन्यकर्मियों के एक समूह ने मुंबई में शिवसेना के सदस्यों द्वारा नौसेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी पर हमले की घटना को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि आरोपियों को जमानत दे दी गई जो ‘‘जले पर नमक छिड़कने’’ जैसा है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय है कि मुंबई पुलिस की जांच के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार के अभियोजकों ने इस गंभीर मामले को इतने हल्के से लिया है और इस मामले में न्याय की कोई झलक भी नहीं दिखाई देती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना के कार्यकर्ताओं द्वारा नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी मदन शर्मा के साथ मारपीट की घटना की पूरी तरह से निंदा की जाती है।’’
बयान में 600 से अधिक पूर्व सैन्यकर्मियों के हस्ताक्षर हैं जिनमें एयर चीफ मार्शल प्रदीप नाईक (सेवानिवृत्त), वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और एयर मार्शल एस पी सिंह (सेवानिवृत्त) शामिल हैं।
उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हमें इन पूर्व सैन्यकर्मियों की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।’’
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर बने एक कार्टून को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर साझा करने के लिए कांदिवली में शुक्रवार की सुबह नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी शर्मा से मारपीट की गई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY