विदेश की खबरें | यूरोपीय नेताओं ने पलयान रोकने के लिए ट्यूनीशिया की और मदद की पेशकश की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यूरोपीय नेताओं ने ट्यूनीशिया के लिए समुद्र के भीतर से डाटा केबल बिछाने की परियोजना और नवीनीकरण ऊर्जा परियोजनाओं में भी निवेश करने की घोषणा की।

ट्यूनीशिया में निरंकुश रुख अपना रहे राष्ट्रपति ने आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को अंतरराष्ट्रीय मदद दिलाने की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के उद्देश्य से वार्ता के लिए इटली, नीदरलैंड और यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं की मेजबानी की।

प्रवासन की समस्या से निपटने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू)द्वारा किया गए समझौते के लिए ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद का समर्थन अहम है।

यूरोपीय नेताओं से वार्ता की पूर्व संध्या पर सईद ने तटीय शहर स्फैक्स के प्रवासी शिविर का दौरा किया था। यह वह स्थान है जहां से प्रवासी भूमध्य सागर पार इटली के लिए नौका से यात्रा करते हैं।

सईद ने शिविर में रह रहे परिवारों से बात की और पूरे अफ्रीका से यूरोप जाने के लिए ट्यूनीशिया पहुंचे लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई।

ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नजला बौदेन ने रविवार को इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वोन डेर लियेन से मुलाकात की।

वार्ता के बाद वोन डेर लियेन ने ट्यूनीशिया की मदद के लिए पांच सूत्रीय योजना की घोषणा की जिनमें 1.05 अरब यूरो की बजटीय सहायता की घोषणा शामिल है। उन्होंने कहा कि संबंधित योजना पर जून के अंत में होने वाले 27 सदस्यी ईयू सम्मेलन में चर्चा की जाएगी।

लियेन ने कहा कि बजटीय सहायता के अलावा ईयू ट्यूनीशिया के लिए हाई स्पीड ब्रॉडबैंड और अन्य डिजिटल अवसंरचना, 30 करोड़ यूरो हाइड्रोजन और अन्य नवीनीकरण ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश के लिए चर्चा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पांच सूत्रीय योजना में ट्यूनीशियाई अधिकारियों को प्रवासियों की तलाशी व बचाव कार्य एवं तस्करी रोधी अभियान के लिए 10 करोड़ यूरो मुहैया कराना शामिल है।

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