यूरोपीय देश पाबंदियों में दे रहे ढील लेकिन नहीं हो रहा बचाव उपायों का कड़ाई से पालन

इटली में लॉकडाउन के नियमों में ढील का दूसरा सप्ताह है। सोमवार को यहां कुछ इलाकों में दुकानें, बार और रेस्तरां खोल दिए गए। लेकिन लोग संक्रमण से बचने के उपाय करते नहीं दिखे और इसके लिए इटली की आलोचना भी हो रही है।

इटली के आपातकाल आयुक्त डोमिनिको आरक्यूरी ने इन आलोचनाओं के प्रति मंगलवार को आक्रमक रुख अपनाया और कहा,‘‘इटली के लोगों के पास जांच,मास्क, संपर्क का पता लगाना और ऐसे कदम जिन्हें इटली को दोबारा खोले जाने के लिए जन स्वास्थ्य अधिकारी जरूरी मान रहे हैं, नहीं भी हों तब भी उन्हें अच्छी तरह से पता है कि खुद का बचाव कैसे करना है। ’’

उन्होंने कहा,‘‘कभी मैं गलती करता हूं तो मैं अपनी आलोचना होने की और अगर जरूरी हुआ तो इटली के लोगों से डांट खाने की भी उम्मीद करता हूं।’’

उन्होंने अपना इल्जाम दूसरों के सिर डाल दिया और कहा कि वे केवल जनता के हित में काम कर रहे हैं।

इटली अकेला देश नहीं है जो लॉकडाउन के नियमों में ढील दे रहा है और अर्थव्यवस्थ्या को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है, बल्कि कई देश ऐसा ही कर रहे हैं लेकिन किसी भी देश ने ऐसा कोई उदाहरण पेश नहीं किया है कि कैसे संक्रमण को रोका जा सकता है और आर्थिक गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं।

फ्रांस ने अपने लोगों की ,‘‘रक्षा करने, जांच कराने और संक्रमित के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने’’ का प्रण किया लेकिन सोमवार को उसे तब झटका लगा जब देश की संवैधानिक अदालत ने उसके नए वायरस कानून के हिस्से को खारिज कर दिया।

अदालत ने ‘संक्रमित के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने’ संबंधी पूरी पर आपत्ति जताई और सरकार को लोगों की निजता की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने को कहा।

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