विदेश की खबरें | ईयू ने पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त किए जाने का संदेह जाहिर किया, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उन्होंने इस संदर्भ में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

ईयू के 27 सदस्य देशों की ओर से जारी एक बयान में बोरेल ने कहा, ‘‘सभी उपलब्ध जानकारी व सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि रिसाव जानबूझकर किए गए कृत्यों का परिणाम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यूरोपीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे में जानबूझकर कोई भी व्यवधान डालने की कोशिश पूरी तरह से अस्वीकार्य है। एकजुटता से इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।’’

भू-वैज्ञानिकों ने मंगलवार को बताया था कि बाल्टिक सागर में विस्फोटों से पहले रूस से जर्मनी तक जाने वाली पानी के नीचे बनी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में रिसाव की जानकारी मिली है।

कुछ यूरोपीय नेताओं व विशेषज्ञों ने इस कृत्य के लिए यूक्रेन में युद्ध के कारण रूस के साथ ऊर्जा गतिरोध को जिम्मेदार ठहराया है।

गौरतलब है कि नोर्ड स्ट्रीम 1 और 2 पाइपलाइन में रिसाव के तीन मामले सामने आए, जो प्राकृतिक गैस से भरी हैं लेकिन यूरोप में ईंधन की आपूर्ति नहीं कर पा रहीं।

विश्लेषकों के अनुसार, नुकसान का मतलब यह है कि इस सर्दी के मौसम में पाइपलाइन के जरिए यूरोप में गैस पहुंचाना संभव नहीं होगा।

बोरेल ने कहा कि यूरोपीय संघ घटना के संबंध में हर तरह की जांच का समर्थन करेगा और ‘‘ ऊर्जा सुरक्षा क्षेत्र में और लचीलापन लाने के लिए कदम उठाएगा।’’

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा, ‘‘ अधिकारियों का आकलन स्पष्ट है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य है, कोई हादसा नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि इसके पीछे किसका हाथ है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।’’

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