विदेश की खबरें | ईयू मंत्रियों ने विवादित भूमध्य सागर में तेल खनन और हैगिया सोफिया को पर तुर्की की आलोचना की

कई महीनों के बाद पहली बार विदेश मंत्रियों की आमने-सामने हुई बैठक में अंकारा के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की योजना पर चर्चा हुई। हालांकि, तत्काल कोई कदम उठाए जाने की उम्मीद नहीं है।

लक्जमबर्ग के विदेशमंत्री जीन एसेलबॉर्न ने कहा, ‘‘ जब मैं देखता हूं कि हैगिया सोफिया के साथ क्या हुआ, तो यह झटका देने वाला है।’’

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उल्लेखनीय है कि इस्तांबुल स्थित हैगिया सोफिया का निर्माण 537 ईस्वी में गिरिजाघर के तौर पर किया गया था। पोप और अन्य ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन द्वारा इसे मस्जिद बनाने के लिए उठाए गए कदम पर दुख जताया और निंदा की।

ईयू के विदेश मामलों के प्रमुख जोसेप बोर्रेल पिछले हफ्ते तुर्की में थे और उन्होंने इस दौरान पूर्वी भूमध्य सागर में तेल खोज के मामले पर तुर्की की यूनान एवं साइप्रस से विवाद पर भी चर्चा की थी। तुर्की ने तेल खनन के कार्य की सुरक्षा के लिए युद्धपोत की तैनाती की है जबकि साइप्रस का दावा है कि जिस इलाके में तुर्की तेल खोज कर रहा है वहां पर उसका अधिकार है।

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तुर्की सरकार ने कहा कि वह तुर्की साइप्रोट्स के इलाके में अपने हितों और संसाधनों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है।

स्वीडन के विदेश मंत्री एन्न लिंडे ने कहा कि भूमध्य सागर में तुर्की का कदम 27 सदस्यीय संगठन के लिए चिंता का सबब है, लेकिन साथ ही जोर दिया कि मानवाधिकार एवं लोकतंत्र के मुद्दों पर पर भी नियमित मासिक बैठक में चर्चा की गई।

बोर्रेल ने कहा कि खासतौर पर उस समय संबंध अच्छे नहीं थे।

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