उल्लेखनीय है कि ईयू के 27 देशों को यह फार्मास्यूटिकल कंपनी कितने टीकों की आपूर्ति करेगी, इस मुद्दे को लेकर यह समझौता विवाद के केंद्र में है।
पिछले साल यूरोपीय संघ और दवा कंपनी के बीच टीकों की आपूर्ति को लेकर एक अनुबंध हुआ था, जिसके तहत ईयू के सदस्य देशों को एस्ट्राजेनेका के टीके की 30 करोड़ खुराक खरीदनी है, जिसके साथ और 10 करोड़ खुराक का भी विकल्प है।
हालांकि, ईयू ने इस हफ्ते ब्रिटिश-स्वीडिश दवा कंपनी की आलोचना की। दरअसल, कंपनी ने कहा था वह आठ करोड़ खुराक की आपूर्ति नहीं कर पाएगी , जिसे उसके द्वारा शुरूआत में आपूर्ति किये जाने की उम्मीद थी और वह सिर्फ 3.1 करोड़ खुराक की आपूर्ति कर सकती है।
इस पर ब्रसेल्स ने दावा किया कि एस्ट्राजेनेका जनवरी और मार्च के बीच इससे भी कम तथा खुराक का महज एक चौथाई ही आपूर्ति कर सकती है और फिर सदस्य देशों ने शिकायत करनी शुरू कर दी।
इस सिलसिले में किये गये समझौते के बारे में सार्वजनिक किये गये 41 पृष्ठों वाले दस्तावेज का ज्यादातर हिस्सा काली स्याही से पोत दिया गया है।
ईयू के एक अधिकारी ने कहा कि एस्ट्राजेनेका के अनुरोध के चलते दस्तावेज का 95 प्रतशित हिस्सा काली स्याही से पोत दिया गया है।
एपी
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