जरुरी जानकारी | ईएसआईसी अंशधारक अटल बीमित कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी लाभ का कर सकते हैं दावा: श्रम मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 संकट के कारण रोजगार गंवाने वाले, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े अंशधारक अटल बीमित कल्याण योजना के तहत अपने वेतन का 50 प्रतिशत तक बेरोजगारी राहत पाने के लिये दावा कर सकते हैं।
नयी दिल्ली, 17 सितंबरब कोविड-19 संकट के कारण रोजगार गंवाने वाले, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े अंशधारक अटल बीमित कल्याण योजना के तहत अपने वेतन का 50 प्रतिशत तक बेरोजगारी राहत पाने के लिये दावा कर सकते हैं।
श्रम मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि ईएसआईसी ने बेरोजगार हुए अपने सदस्यों को हाल में विस्तारित अटल बीमित कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उन सदस्यों को राहत का भुगतान किया जाएगा जिनकी नौकरी कोविड-19 संकट के कारण गयी है।
इसमें कहा गया है कि ये दावे ईएसआईसी की वेबसाइट पर ‘ऑनलाइन’ किये जा सकते हैं। साथ ही दावों के संबंध में हलफनामा, आधार कार्ड की फोटोकॉपी और बैंक खाता विवरण ईएसआईसी के शाखा कार्यालय पर डाक द्वारा या स्वयं जाकर जमा किए जा सकते हैं।
बयान के अनुसार श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में ईएसआईसी ने अटल बीमित कल्याण योजना का 1 जुलाई 2020 से 30 जून 2021 यानी 1 वर्ष के लिए और विस्तार करने का फैसला किया है।
मंत्रालय के अनुसार, ‘‘कोविड-19 महामारी और इसकी रोकथाम के लिये लगाये गये लॉकडाउन के कारण अपना रोजगार गँवाने वालों का बेरोजगारी राहत भत्ता भी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है, जो पहले 25 प्रतिशत था।’’
मौजूदा दिशानिर्देश के तहत बेरोजगारी लाभ के लिये दावा नियोक्ता के माध्यम से करने की जरूरत होती थी। गंगवार के अनुसार कामगारों को बड़ी राहत देते हुए फैसला किया गया है कि बेरोजगारी लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन रोजगार या नौकरी गंवाने वाले श्रमिक चिन्हित ईएसआईसी शाखा कार्यालयों पर सीधे जमा करा सकते हैं।
राहत की बढ़ी हुई दर और दावों के लिए आवेदन संबंधी सुविधा का लाभ 24 मार्च 2020 से 31 दिसम्बर 2020 के बीच जारी रहेगा। इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।
राहत राशि का भुगतान सीधे कामगारों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
श्रम मंत्री ने ईएसआईसी के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि वर्तमान में यह निगम 3.49 करोड़ परिवारों को विभिन्न लाभ एव सेवायें उपलब्ध कराता है।
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