नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को नजफगढ़ में एक केंद्र का दौरा किया जहां पराली को खाद बनाने वाला रसायन तैयार किया जाएगा।
राय ने कहा कि नजफगढ़ के खड़खड़ी गांव स्थित केंद्र में मंगलवार से 400 कंटेनर में ‘‘जैव अपघटक’’ रसायन बनाया जाएगा।
‘‘जैव अपघटक कैप्सूल’’, को गुड़़ और चने के आटे का इस्तेमाल करके तैयार किया जाएगा। फसलों के अवशेष के जल्द जैव अपघटन के लिए इसका छिड़काव किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘पूसा जैव अपघटक कैप्सूल आर्थिक रूप से सस्ता विकल्प है। हमारा अनुमान है कि दिल्ली में 800 हेक्टेयर कृषि भूमि में पराली का प्रबंधन करने के लिए केवल 20 लाख रुपये की जरूरत है।’’
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इससे पहले कहा था कि उत्तरप्रदेश में दस हजार हेक्टेयर और दिल्ली में 800 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर इस वर्ष ‘‘पूसा अपघटक कैप्सूल’’ का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने समस्या (पराली जलाने) का सस्ता समाधान ढूंढ लिया है। उन्होंने एक रसायन तैयार किया है जो पराली को खाद में बदल देगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मंगलवार से हम यह रसायन संस्थान के विशेषज्ञों की देखरेख में बड़े स्तर पर तैयार करने जा रहे हैं। इस रसायन का इस्तेमाल इस वर्ष दिल्ली में किया जाएगा। अगले वर्ष से हम दूसरे राज्यों से इसका इस्तेमाल करने का आग्रह करेंगे।’’
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