अहमदाबाद, छह सितंबर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि उद्यमिता शिक्षा को मजबूत करने से आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और भारत के विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गांधीनगर स्थित भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) के वार्षिक स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए देश के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए समाज के सभी वर्गों को शामिल करते हुए उद्यमिता प्रशिक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि जिस दिन भारत को 'उद्यमी राष्ट्र' के रूप में सराहा जाएगा, उस दिन भारत की समृद्धि और सफलता नये सिरे से परिभाषित होगी।
आनंदीबेन ने कहा, "उद्यमिता शिक्षा को मजबूत करने से आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और विकास हासिल होगा। भारत जैसे देश में इसे व्यापक बनाना आसान नहीं होगा, जहां दशकों से नौकरी से जुड़ी सुरक्षा पर जोर दिया जाता है। लेकिन निश्चित रूप से, एक मजबूत शुरुआत की गयी है और सुखद परिणाम भी आ रहे हैं।"
राज्यपाल 'उच्च शिक्षण संस्थानों में उद्यमिता शिक्षा का महत्व' विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा ‘‘जिसदिन भारत एक उद्यमशीलता अथवा एक स्टार्ट अप देश के तौर पर पहचाना जाने लगेगा, उस दिन से हमारे लिये समृद्धि और सफलता के मायने कुछ और होंगे।’’
आनंदीबेन पटेल गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकीं हैं।
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