देश की खबरें | जून के अंत तक यमुना में बहने वाले 95 प्रतिशत मलजल का उपचार सुनिश्चित करें : उपराज्यपाल

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जून के अंत तक यमुना में बहने वाले 95 प्रतिशत मलजल का उपचार सुनिश्चित करें और नदी में प्रदूषण के स्तर में कमी लाएं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सक्सेना ने शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें यमुना नदी को पुनर्जीवन प्रदान करने के उपायों पर चर्चा की गई।

बयान के अनुसार, उपराज्यपाल ने अधिकारियों को इस साल दिसंबर तक यमुना नदी में बहने वाले 100 प्रतिशत मलजल का उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।

बयान में कहा गया है कि बैठक में चर्चा की गई कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सहयोग से जून तक शहर की उन 81 झुग्गी बस्तियों में प्री-फैब्रिकेटेड विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) स्थापित किए जाएंगे, जहां सीवर लाइन बिछाना संभव नहीं है।

उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जून के अंत तक शहर की कुल 263 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछा दी जाएंगी।

इसमें बताया गया है कि वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी 768 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) मलजल उत्पन्न करती है, जिसमें से 75.5 प्रतिशत (580 एमजीडी) का ही उपचार किया जाता है।

बयान के मुताबिक, उच्च-स्तरीय समिति उन प्रक्रियाओं की निगरानी कर रही है, जो जून तक 727 एमजीडी (95 प्रतिशत) मलजल का उपचार सुनिश्चित करेंगी।

बयान में कहा गया है कि समिति का लक्ष्य दिसंबर 2023 तक 814 एमजीडी और जून 2024 तक 964.5 एमजीडी मलजल की उपचार क्षमता हासिल करना है।

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